बुद्ध पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है (Why Buddha Purnima is celebrated)
बुद्ध पूर्णिमा तथा बुद्ध का परिचय, इससे जुड़ी मान्यताएं और यह कहां–कहां मनाई जाती है
बुद्ध पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है
इस दिन 563 ईसा पूर्व भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था
भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे यह त्यौहार बौद्ध अनुयायियों के लिए बहुत महत्व रखता है बौद्ध धर्म को मानने वाले अनुयायी भगवान बुद्ध के उपदेशों का बहुत अच्छे से इसका पालन करते है।
बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था जिसको धर्मचक्र प्रवर्तन कहा जाता है। भगवान बुद्ध ने यह उपदेश सर्वप्रथम 5 भिक्षुओं को दिया था।
आज ही के दिन भगवान बुद्ध की ये तीनो घटनाएं जन्म, ज्ञान प्राप्ति, और महापरिनिर्वाण हुई थी इसलिए इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से मनाते है।
गौतम बुद्ध कौन थे (संक्षिप्त परिचय)
नाम – सिद्धार्थ गौतम बुद्ध
जन्म – 563 ईसा पूर्व लुम्बिनी, नेपाल
मृत्यु – 483 ईसा पूर्व कुशीनगर, भारत
शादी – राजकुमारी यशोधरा
बच्चें – एक पुत्र, राहुल
पिता का नाम – शुद्धोदन (एक कुशल राजा)
माता का नाम – मायादेवी या महामाया (महारानी)
बौद्ध धर्म इतिहास के अनुसार, यह भारत की श्रमण परम्परा से निकला धर्म और महान दर्शन है। 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व में बौद्ध धर्म की स्थापना हुई थी। बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध थे।
भगवान बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में लुंबिनी, नेपाल और महापरिनिर्वाण 483 ईसा पूर्व कुशीनगर, भारत में हुआ था। उनके महापरिनिर्वाण के अगले पाँच शताब्दियों में, बौद्ध धर्म पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में फैला और अगले दो हजार वर्षों में मध्य, पूर्व और दक्षिण-पूर्वी जम्बू महाद्वीप में भी फैल गया।
बुद्ध पूर्णिमा से जुड़ी हुई कुछ मान्यताएं
मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा को भगवान विष्णु ने अपने नौवे अवतार में बुद्ध के रूप में जन्म लिया था।
और इस दिन को सत्य विनायक पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।
एक मान्यता ये भी है कि भगवान कृष्ण आज के दिन ही अपने दोस्त सुदामा के यहां उससे मिलने गए थे तो तब कृष्ण ने सुदामा जी को सत्यविनायक व्रत कथा का विधान बताया था जिसे करने के बाद ही सुदामा की गरीबी दूर हुई थी ।
एक और इस दिन धर्मराज की पूजा करने का भी विधान है, धर्मराज मृत्यु के देवता है इसलिए उनको प्रसन्न करने पर अकाल मृत्यु का भय कम हो जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन है गंगा स्नान का विशेष महत्व
क्यों किया जाता है इस दिन विशेष गंगा स्नान ?
हिंदू धर्म में हर महीने की पूर्णिमा तिथि विष्णु भगवान को समर्पित होती है तथा इस दिन तीर्थ स्थलों में गंगा स्नान का लाभदायक फल मिलता है और आज के दिन स्नान करने से पाप का नाश हो जाता है।
भारत के अलावा और कहां–कहां मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा
भारत के साथ–साथ चीन, वियतनाम, थाईलैंड, नेपाल, सिंगापुर, जापान, कंबोडिया, म्यांमार, इंडोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका आदि जगह पर बुद्ध पूर्णिमा या जयंती मनाई जाती है।
कुशीनगर में तो प्रत्येक साल बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लगभग एक माह तक मेला लगता है।
आज के दिन बौद्ध अनुयायी अपने घरों को फूलों से सजाते हैं तथा अपने घरों में दिए जलाते हैं और इस दिन विशेष रूप से बौद्धधर्म ग्रंथों का पाठ भी किया जाता है।

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